खाद की कथित कालाबाजारी से किसान परेशान, ₹3500 वसूले जाने का आरोप; सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

खाद की कथित कालाबाजारी से किसान परेशान, ₹3500 वसूले जाने का आरोप; सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

तिल्दा-नेवरा। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के सरकारी दावों के बीच तिल्दा-नेवरा स्थित केसरवानी खाद्य भंडार पर अधिक कीमत वसूलने का आरोप लगा है। सिमगा, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा निवासी किसान राधेश्याम सोनकर ने आरोप लगाया है कि उनसे भारत एनपीके खाद के एक बैग के लिए ₹3500 लिए गए, जबकि उनका कहना है कि अन्य अधिकृत दुकानों पर यही खाद लगभग ₹2500 में उपलब्ध है।

किसान का कहना है कि उन्होंने अधिक कीमत का ऑनलाइन भुगतान किया है, जिसका रिकॉर्ड उनके पास उपलब्ध है। उनका यह भी आरोप है कि जब उन्होंने अधिक राशि लेने पर आपत्ति जताई तो दुकानदार ने कथित रूप से कहा, “लेना है तो लो, नहीं तो छोड़ दो।” खेती के कार्य की मजबूरी के कारण उन्हें अधिक कीमत देकर खाद खरीदनी पड़ी।

मामले को लेकर किसान ने सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई है। किसान का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनमें नाराजगी है।

वहीं, इस संबंध में केसरवानी खाद्य भंडार के संचालक से बात करने पर उन्होंने कहा कि “हमें भी ऊपर से खाद महंगी मिल रही है, इसलिए उसी हिसाब से बेच रहे हैं।”

अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि उर्वरक नियंत्रित मूल्य पर बेचा जाना है, तो कथित रूप से अधिक कीमत कैसे वसूली गई। किसान और स्थानीय लोगों ने कृषि विभाग तथा जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, बिल और स्टॉक का सत्यापन तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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