
तिल्दा-नेवरा। खाद की कथित कालाबाजारी के मामले में कार्रवाई नहीं होने से किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शिकायतकर्ता किसान का दावा है कि अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन और जिला कलेक्टर से की गई, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मामले की कवरेज कर रहे पत्रकार ने भी आरोप लगाया है कि उन्हें फोन पर धमकी दी गई। पत्रकार का कहना है कि संबंधित व्यक्ति ने उनके खिलाफ फर्जी मामला दर्ज कराने की धमकी दी और इस बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है। पत्रकार ने कहा है कि वह इस संबंध में पुलिस को शिकायत और उपलब्ध साक्ष्य सौंपेंगे। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस संबंध में संबंधित खाद विक्रेता का पक्ष है कि उन्हें भी खाद अधिक कीमत पर मिल रही है और उसी आधार पर बिक्री की जा रही है।
उधर किसानों का कहना है कि यदि ऑनलाइन भुगतान के रिकॉर्ड, शिकायतें और अन्य दस्तावेज उपलब्ध हैं, तो जांच और कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। किसानों ने कृषि विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, कथित कालाबाजारी और धमकी के आरोपों की जांच की जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
