
त्वरित नेतृत्व और रणनीतिक घेराबंदी में ट्रेन से भाग रहे तीन नाबालिग दबोचे गए
तिल्दा-नेवरा | 29 नवंबर 2025
दुर्ग स्थित बाल संप्रेषण गृह से फरार हुए नाबालिग अपचारियों को पकड़ने में तिल्दा-नेवरा पुलिस के उप निरीक्षक विकास देशमुख ने एक बार फिर अपनी सतर्कता, नेतृत्व क्षमता और मुस्तैदी का परिचय दिया है। विभिन्न गंभीर मामलों में बंद तीन नाबालिग अपचारी, जो ट्रेन से छपोरा भागने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें उप निरीक्षक विकास देशमुख के नेतृत्व में सुरक्षित गिरफ्तार कर लिया गया।
29 नवंबर 2025 को थाना तिल्दा-नेवरा को जैसे ही सूचना मिली कि दुर्ग बाल संप्रेषण गृह से फरार अपचारी ट्रेन से भाग रहे हैं, उप निरीक्षक विकास देशमुख ने बिना देर किए टीम गठित कर स्वयं मोर्चा संभाला और संदिग्ध मार्गों पर घेराबंदी के निर्देश दिए। उनकी रणनीतिक सूझबूझ से अपचारी भागने में सफल नहीं हो सके।
टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों नाबालिगों को सुरक्षित हिरासत में लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें दुर्ग पुलिस के हवाले कर दिया।
इस सफल कार्रवाई में उप निरीक्षक विकास देशमुख के साथ
आरक्षक विजेंद्र निराला, बलराम निराला, आलोक शर्मा, दीपक सेन, कुलदीपक वर्मा, संदीप सिंह, जितेंद्र सोनी व फागूराम मनहरे की सराहनीय भूमिका रही।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उप निरीक्षक विकास देशमुख की तत्परता के चलते एक संभावित बड़ी घटना टल गई। पुलिस की कार्रवाई से आमजन में सुरक्षा का भरोसा और मजबूत हुआ है।
