
तिल्दा-नेवरा। थाना तिल्दा-नेवरा क्षेत्र अंतर्गत महिला सहकर्मी से छेड़छाड़, अश्लील हरकत, धमकी और मारपीट जैसे संगीन आरोपों में एक प्रभारी प्राचार्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के बाद जेल भेज दिया है। इस बड़ी कार्रवाई का नेतृत्व उप निरीक्षक विकास देशमुख ने किया, जबकि एएसआई अमिला नाग की भूमिका इस पूरे मामले में बेहद प्रशंसनीय रही।
पुलिस ने अपराध क्रमांक 547/2025 पंजीबद्ध कर आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की धारा 74, 79, 296, 115(2), 351(3), 117(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।
आरोपी की पहचान प्रेम पृथ्वी पाल लेवी लकड़ा (38 वर्ष), पिता सुखिया राम लकड़ा, स्थायी निवासी ग्राम टेंगारी, थाना भंडरिया, जिला गढ़ा (झारखंड) व वर्तमान निवासी वार्ड क्रमांक 17, श्याम नगर, तिल्दा-नेवरा, जिला रायपुर के रूप में की गई है।
स्कूल परिसर में करता था अश्लील हरकतें, व्हाट्सएप से देता था धमकी
पुलिस के मुताबिक पीड़िता तिल्दा-नेवरा ब्लॉक के अंतर्गत एक हायर सेकेंडरी स्कूल में व्याख्याता के पद पर पदस्थ है। आरोपी प्रभारी प्राचार्य स्कूल में कार्य के दौरान पीड़िता के साथ लगातार अश्लील हरकतें करता था। इसके अलावा वह मोबाइल पर व्हाट्सएप के माध्यम से अश्लील फोटो व आपत्तिजनक संदेश भेजकर पीड़िता को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था।
पीड़िता द्वारा बार-बार मना करने और स्पष्ट विरोध जताने के बावजूद आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, बल्कि पीड़िता को धमकाने लगा।
पति के साथ गाली-गलौज और मारपीट, जान से मारने की दी धमकी
मामले ने तब गंभीर मोड़ ले लिया जब पीड़िता के पति ने आरोपी को उसकी हरकतों से बाज आने की समझाइश दी। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता के पति के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दे डाली।
इसके बाद पीड़िता ने साहस दिखाते हुए थाना तिल्दा-नेवरा में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
उप निरीक्षक विकास देशमुख की रणनीति से तेज कार्रवाई
शिकायत मिलते ही उप निरीक्षक विकास देशमुख ने तत्काल टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। पूरी जांच को संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी एएसआई अमिला नाग को सौंपी गई, जिन्होंने पीड़िता को सुरक्षा उपलब्ध कराते हुए बयान दर्ज कराए और साक्ष्य संकलन कराया।
कॉन्स्टेबल संदीप सिंह व जितेंद्र सोनी की सक्रिय भूमिका
गिरफ्तारी अभियान में कॉन्स्टेबल संदीप सिंह एवं कॉन्स्टेबल जितेंद्र सोनी ने भी ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आरोपी को सुरक्षित हिरासत में लिया गया।
न्यायालय में पेश, जेल दाखिल
पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूर्ण कर आरोपी को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच जारी है।
महिला अपराधों पर सख्त संदेश
इस मामले पर उप निरीक्षक विकास देशमुख ने कहा,
“महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
वहीं, एएसआई अमिला नाग ने कहा,
“पीड़िता की सुरक्षा और न्याय हमारी प्राथमिकता है, ऐसे मामलों में हम त्वरित और कठोर कार्रवाई करते रहेंगे।”
