
तिल्दा-नेवरा। निखिल वाधवा।
ऑल इंडिया केमिस्ट एसोसिएशन द्वारा ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में किए गए राष्ट्रव्यापी बंद का तिल्दा-नेवरा में व्यापक असर देखने को मिला। शहर के मेडिकल व्यापारियों ने एकजुटता का परिचय देते हुए अपनी दुकानों को पूर्णतः बंद रखा और आंदोलन को मजबूत समर्थन दिया।
सुबह से ही तिल्दा-नेवरा के मुख्य बाजार, स्टेशन रोड, बस स्टैंड, नेवरा क्षेत्र सहित विभिन्न इलाकों में मेडिकल दुकानों के शटर बंद नजर आए। मेडिकल संचालकों का कहना है कि ऑनलाइन दवाइयों की अनियंत्रित बिक्री से स्थानीय मेडिकल व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं और इससे आम जनता के स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ रहा है।
तिल्दा-नेवरा मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि मेडिकल व्यवसाय केवल व्यापार नहीं बल्कि सेवा का माध्यम है। स्थानीय मेडिकल दुकानदार मरीजों को तत्काल दवा उपलब्ध कराने के साथ सही सलाह और जिम्मेदारी भी निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री में कई बार बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाइयां दी जा रही हैं, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं।
उन्होंने बताया कि छोटे शहरों में मेडिकल स्टोर लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों का सबसे बड़ा सहारा होते हैं। दिन-रात जरूरत पड़ने पर स्थानीय मेडिकल संचालक जनता की सेवा करते हैं, लेकिन ऑनलाइन कंपनियों के बढ़ते प्रभाव से छोटे व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है।
बंद के दौरान मेडिकल व्यापारियों ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू करने और स्थानीय मेडिकल व्यवसायियों के हितों की रक्षा करने की मांग उठाई। शहर के मेडिकल संचालकों ने कहा कि यह आंदोलन केवल व्यापार बचाने के लिए नहीं बल्कि सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी जरूरी है।
हालांकि मेडिकल दुकानें बंद रहने से मरीजों और आम लोगों को जरूरी दवाइयां लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन अधिकांश लोगों ने मेडिकल व्यापारियों के आंदोलन को उचित बताते हुए समर्थन भी दिया। तिल्दा-नेवरा के मेडिकल व्यापारियों की एकजुटता पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही।
