
तिल्दा-नेवरा। लोकसभा में हाल ही में हुए घटनाक्रम को लेकर तिल्दा-नेवरा की राजनीति में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। भाजपा की सक्रिय कार्यकर्ता श्रीमती आकांक्षा वैष्णव ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ बताया है।
संवाददाता से चर्चा करते हुए आकांक्षा वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उनका कहना है कि इस महत्वपूर्ण संविधान संशोधन को पारित न होने देना महिलाओं के अधिकारों के साथ सीधा अन्याय है।
उन्होंने कहा, “एक महिला होने के नाते यह मुद्दा मेरे लिए केवल राजनीति का नहीं, बल्कि संवेदना और सम्मान का विषय है। देश की करोड़ों महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी देने का जो अवसर था, वह उनसे छीन लिया गया है।”
आकांक्षा वैष्णव ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे लगातार महिलाओं के सशक्तिकरण के रास्ते में बाधा बनते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह रुख उनकी वास्तविक नीयत को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा, “महिला आरक्षण का विरोध कर विपक्ष ने न केवल महिलाओं के अधिकारों का हनन किया है, बल्कि संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है। देश की नारी शक्ति के स्वाभिमान और आत्मसम्मान पर चोट करने वालों को जनता जरूर जवाब देगी।”
भाजपा कार्यकर्ता ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि महिलाओं को आरक्षण देकर उन्हें मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है, तो विपक्ष को इससे आपत्ति क्यों है। उन्होंने इसे “महिला विरोधी मानसिकता” करार देते हुए कहा कि देश की महिलाएं सब देख और समझ रही हैं।
तिल्दा-नेवरा में इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आने वाले समय में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
