तिल्दा-नेवरा में पेट्रोल ने लगाया शतक पार, ₹113 प्रति लीटर पहुंचा दामपांच दिन में दूसरी बड़ी बढ़ोतरी से आम जनता परेशान, महंगाई बढ़ने की आशंका तेज

तिल्दा-नेवरा। निखिल वाधवा।
तिल्दा-नेवरा सहित पूरे रायपुर जिले में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को पेट्रोल की कीमत बढ़कर लगभग ₹113 प्रति लीटर तक पहुंच गई, जिससे वाहन चालकों और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने लगा है। बीते पांच दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी मूल्य वृद्धि मानी जा रही है।

सरकारी तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल में करीब 86 पैसे और डीजल में 83 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि किए जाने के बाद शहर के पेट्रोल पंपों पर लोगों में नाराजगी देखी गई। इससे पहले 15 मई को ही पेट्रोल और डीजल के दामों में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। लगातार बढ़ रहे दामों के कारण अब पांच दिनों में पेट्रोल-डीजल करीब 4 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं।

रोजमर्रा के खर्च पर बढ़ेगा असर

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है। वाहन चालकों का कहना है कि रोजाना आने-जाने का खर्च काफी बढ़ गया है। वहीं, व्यापारियों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों का मानना है कि डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी, जिसका असर बाजार में बिकने वाले सामानों पर भी दिखाई देगा।

विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में सब्जियां, फल, किराना सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दामों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। गृहणियों का घरेलू बजट बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।

पेट्रोल पंपों पर दिखी चिंता

तिल्दा-नेवरा के कई पेट्रोल पंपों में वाहन चालकों के बीच कीमतों को लेकर चर्चा होती रही। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन के दाम बढ़ना सबसे बड़ा झटका है। दोपहिया वाहन चालकों और रोज कमाने-खाने वाले लोगों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़े कच्चे तेल के दाम

जानकारी के अनुसार अमेरिका-ईरान तनाव और युद्ध जैसे हालात के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। कच्चे तेल के दाम अब 100 से 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुके हैं। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में बढ़ी कीमतों का सीधा असर देश के ईंधन बाजार पर पड़ रहा है।

सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद रिटेल कीमतों में सीमित वृद्धि की गई थी, लेकिन अब लगातार बढ़ते घाटे की भरपाई के लिए कीमतों में संशोधन किया जा रहा है।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं कीमतें

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कमी नहीं आई तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इससे महंगाई दर पर भी व्यापक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

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