नेवरा शराब भट्टी के बाहर ‘चकना’ का अवैध कारोबार, प्रशासन मौन — नियमों की खुलेआम अनदेखी

तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के नेवरा शराब भट्टी के बाहर इन दिनों अवैध चकना दुकानों का कारोबार बेखौफ तरीके से संचालित हो रहा है। तिल्दा-सरोरा मार्ग स्थित इस शराब भट्टी के बाहर नियमों को दरकिनार कर खुलेआम चकना स्टॉल लगाए जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब दुकान के ठीक बाहर चकना बेचना स्पष्ट रूप से नियमों के विरुद्ध है, इसके बावजूद यहां रोजाना ठेले और अस्थायी दुकानें लग रही हैं। आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं।

शाम होते ही बढ़ती है भीड़, बिगड़ता है माहौल
नेवरा शराब भट्टी के बाहर शाम ढलते ही भारी भीड़ जुटने लगती है। चकना दुकानों के कारण यहां लोगों का जमावड़ा बढ़ जाता है, जिससे न सिर्फ यातायात प्रभावित होता है बल्कि क्षेत्र का माहौल भी असुरक्षित और अव्यवस्थित हो जाता है।

गंदगी से बिगड़ रही व्यवस्था
इन अवैध दुकानों के चलते सड़क किनारे प्लास्टिक, बचा हुआ खाना और अन्य कचरे का ढेर लग रहा है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे आसपास के रहवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार पर अब तक कार्रवाई न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। लोगों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आखिर किसकी शह पर यह सब खुलेआम चल रहा है।

स्थानीयों की मांग—तुरंत हो कार्रवाई
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि नेवरा शराब भट्टी के बाहर संचालित हो रही अवैध चकना दुकानों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कब तक नजरअंदाज करता है या फिर जल्द ही कोई ठोस कदम उठाया जाता है।

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