4 दिन बाद खत्म हुआ तिल्दा-नेवरा का अंधेरा, नगर पालिका पूर्व उपाध्यक्ष विकास सुखवानी की पहल से 22 वार्डों में जली स्ट्रीट लाइट

तिल्दा-नेवरा नगर पालिका परिषद तिल्दा-नेवरा में बीते चार दिनों से छाया अंधेरा आखिरकार खत्म हो गया। शहर के सभी 22 वार्डों के प्रमुख चौक-चौराहों पर बंद पड़ी मरकरी स्ट्रीट लाइटें दोबारा शुरू हो गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम में निर्णायक भूमिका नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष विकास सुखवानी की रही, जिनकी पहल के बाद नगर पालिका अमला हरकत में आया।

जानकारी के अनुसार, पिछले चार दिनों से शहर के मुख्य मार्ग, चौक-चौराहे और सार्वजनिक स्थान पूरी तरह अंधेरे में डूबे हुए थे। इससे आम नागरिकों को रात के समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और रोजाना काम से लौटने वाले लोगों के लिए आवागमन असुरक्षित हो गया था। कई स्थानों पर छोटे-मोटे हादसों की आशंका भी बनी हुई थी, वहीं असामाजिक तत्वों के सक्रिय होने का खतरा भी बढ़ गया था।

प्रशासन की उदासीनता आई सामने
सूत्रों के मुताबिक, इन चार दिनों के दौरान नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जाता रहा, लेकिन हर बार गोलमोल जवाब देकर मामले को टाल दिया गया। कहीं तकनीकी खराबी का हवाला दिया गया तो कहीं जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल दी गई। यहां तक कि आम नागरिकों द्वारा शिकायत करने के बावजूद भी मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई।

पूर्व उपाध्यक्ष ने संभाली कमान
इसी बीच जब यह गंभीर समस्या पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष विकास सुखवानी के संज्ञान में आई, तो उन्होंने बिना देर किए सीधे संबंधित विभाग और अधिकारियों से संपर्क साधा। उन्होंने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए और व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त करने पर जोर दिया।

विकास सुखवानी ने कहा,
“मुझे इस समस्या की पहले कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन जैसे ही जानकारी मिली, मैंने तुरंत पहल की। शहरवासियों को अंधेरे में रखना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है, इसलिए अधिकारियों से बात कर तत्काल स्ट्रीट लाइट चालू करवाई गई।”

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कुछ ही घंटों में दिखा असर
सुखवानी की सक्रियता का असर यह हुआ कि नगर पालिका का अमला तुरंत मैदान में उतरा और तकनीकी टीमों को भेजकर खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया गया। कुछ ही समय में 22 वार्डों के प्रमुख स्थानों पर रोशनी लौट आई, जिससे नागरिकों ने राहत की सांस ली।

जनता ने जताया आभार
स्थानीय नागरिकों ने विकास सुखवानी की इस पहल की खुलकर सराहना की। लोगों का कहना है कि जहां नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी लगातार मामले को टालते रहे, वहीं एक जनप्रतिनिधि ने आगे बढ़कर समस्या का समाधान कराया। कई वार्डों के रहवासियों ने इसे “तत्काल और प्रभावी हस्तक्षेप” बताया।

नगर पालिका की कार्यशैली पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। चार दिनों तक पूरे शहर की स्ट्रीट लाइट बंद रहने के बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता चिंता का विषय है। यदि समय रहते पहल की जाती, तो शहर को अंधेरे और असुरक्षा का सामना नहीं करना पड़ता।

फिलहाल शहर में रोशनी लौट आई है, लेकिन यह मामला यह सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर क्यों हर बार समस्या के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों की पहल का इंतजार करना पड़ता है। अब देखना होगा कि भविष्य में ऐसी लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए नगर पालिका क्या ठोस कदम उठाती है।

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