
तिल्दा नेवरा
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर द्वारा मेसर्स संभव स्टील ट्यूब्स लिमिटेड (यूनिट-3) ग्राम सरोरा में प्रस्तावित इस्पात संयंत्र की पर्यावरणीय स्वीकृति को लेकर आयोजित जनसुनवाई शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने परियोजना का खुलकर समर्थन किया और इसे क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
विस्तार:
ग्राम सरोरा में आयोजित इस जनसुनवाई में सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति रही, जहां लोगों ने एक स्वर में परियोजना के पक्ष में अपनी सहमति जताई। स्थानीय निवासियों ने कहा कि इस संयंत्र के स्थापित होने से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, साथ ही बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
जनसुनवाई की प्रक्रिया पीठासीन अधिकारी उमाशंकर बंदे (अपर कलेक्टर) एवं क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी पी.के. रबड़े की उपस्थिति में पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई गई। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं आसपास के हजारों ग्रामीण मौजूद रहे।
कंपनी प्रबंधन की ओर से डायरेक्टर भावेश खेतान एवं वाइस प्रेसिडेंट पुष्पेंद्र बघेल ने परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्तावित विस्तारित प्लांट में एफबीसी, सीपीसी, 60 मेगावाट तथा फैरो एलॉय (एसएफ 18 एमवीए के 4 यूनिट) स्थापित किए जाएंगे। इससे लगभग 450 स्थानीय लोगों को उनकी योग्यता एवं अनुभव के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि कंपनी द्वारा सीएसआर एवं सीईआर के तहत सामाजिक दायित्वों का निर्वहन निरंतर किया जा रहा है और भविष्य में भी ग्राम सरोरा एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाई जाएगी।
जनसुनवाई के दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास की अपेक्षा जताते हुए कंपनी के प्रस्ताव का स्वागत किया। कंपनी प्रबंधन ने जनसुनवाई के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, पर्यावरण विभाग एवं क्षेत्रवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
अंत में अपर कलेक्टर उमाशंकर बंदे ने जानकारी दी कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी सुझावों एवं आपत्तियों को विधिवत रिकॉर्ड कर पर्यावरण मंडल को प्रेषित कर दिया गया है। उन्होंने शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सभी की सराहना करते हुए जनसुनवाई की समाप्ति की घोषणा की।
निष्कर्ष:
कुल मिलाकर, यह जनसुनवाई क्षेत्र के औद्योगिक विकास की दिशा में सकारात्मक संकेत देती है, जिससे आने वाले समय में रोजगार सृजन और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
