
18 जून को प्रस्तावित पर्यावरण जनसुनवाई से पहले ग्रामीण विकास, रोजगार और जनहित कार्यों को लेकर कंपनी की पहल बनी चर्चा का विषय
हर वर्ष ग्राम विकास के लिए लगभग 7 लाख रुपए की सहायता, शिक्षा, पेयजल, धार्मिक स्थल और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान
मढ़ी-बंजारी/तिल्दा नेवरा।
क्षेत्र के औद्योगिक विकास के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए गौरी गणेश कंपनी मढ़ी-बंजारी लगातार ग्रामीण विकास और जनहित कार्यों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उद्योग संचालन के साथ कंपनी द्वारा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, पानी, स्वच्छता, धार्मिक एवं सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
कंपनी प्रबंधन द्वारा ग्रामीण जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ग्राम विकास के लिए हर वर्ष लगभग 7 लाख रुपए की राशि उपलब्ध कराई जाती है, जिसके माध्यम से गांव में अनेक विकास कार्यों को गति मिली है। कंपनी की पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार होने के साथ लोगों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।
जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कंपनी द्वारा लगभग एक करोड़ रुपए से अधिक की लागत से तालाब निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इससे न केवल जल संरक्षण और भू-जल स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिलेगा।
वहीं शिक्षा के क्षेत्र में भी कंपनी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हाई स्कूल में शेड निर्माण, स्कूल की खिड़कियों का कार्य, हाई स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण जैसे कार्य कंपनी के सहयोग से कराए गए हैं। इसके अलावा स्कूल परिसर में बच्चों की सुविधा को देखते हुए पानी एवं साफ-सफाई के लिए कंपनी की ओर से नियमित रूप से रेजा (कर्मचारी) की व्यवस्था भी की जाती है।
ग्राम विकास की कड़ी में कंपनी द्वारा पंचायत चौपाल शेड निर्माण, मढ़ी धोबा तालाब सौंदर्यीकरण कार्य एवं महामाया मंदिर निर्माण कार्य में भी सहयोग प्रदान किया गया है। धार्मिक और सामाजिक स्थलों के विकास से ग्रामीणों को बेहतर सुविधा मिल रही है।
कंपनी के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उद्योग से जुड़े विभिन्न कार्यों में आसपास के ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, जिससे कई परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिल रही है।
गौरतलब है कि गौरी गणेश कंपनी के उद्योग विस्तार को लेकर 18 जून को पर्यावरण जनसुनवाई प्रस्तावित है। इससे पहले कंपनी द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं विकास कार्य क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि उद्योग विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास उनकी प्राथमिकता में शामिल है।
ग्रामीणों के अनुसार कंपनी द्वारा लगातार किए जा रहे सहयोग से गांव में विकास की नई लहर देखने को मिल रही है। शिक्षा, जल संरक्षण, धार्मिक स्थल, स्वच्छता और रोजगार जैसे क्षेत्रों में किए गए कार्यों से गौरी गणेश कंपनी मढ़ी-बंजारी ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की एक मिसाल पेश की है।
