
तिल्दा-नेवरा। सुशासन त्यौहार शिविर में कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ दिए गए सख्त निर्देशों के बाद तिल्दा-नेवरा शहर में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। मंत्री ने मंच से साफ शब्दों में कहा था कि एक सप्ताह के भीतर शहर और ग्रामीण क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त किया जाए। इसके बाद तहसीलदार राम प्रसाद बघेल, एसडीएम आशुतोष देवांगन और तहसील अमला लगातार सक्रिय दिखाई दे रहा है।
लेकिन प्रशासन की इस कार्रवाई के बीच अब शहर में एक नया नाम तेजी से चर्चा में आ गया है — “चड्डी गैंग”। शहर के चौक-चौराहों, बाजारों और चाय ठेलों तक इस गैंग की चर्चाएं जोरों पर हैं। लोगों का कहना है कि यह गैंग अवैध निर्माण और अतिक्रमण बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है।
“हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता”
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि कथित “चड्डी गैंग” खुद को बड़े नेताओं और रसूखदार लोगों का करीबी बताकर प्रशासनिक कार्रवाई को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। बताया जा रहा है कि गैंग से जुड़े लोग खुलेआम यह दावा कर रहे हैं कि “हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”
इसी कारण शहर में यह मामला अब सिर्फ अतिक्रमण तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि प्रशासन की साख और कार्रवाई की निष्पक्षता का मुद्दा बन गया है।
तहसीलदार की कार्रवाई से मचा हड़कंप
तहसीलदार राम प्रसाद बघेल द्वारा हाल ही में किए गए अतिक्रमण हटाने के अभियान के बाद अवैध निर्माण कराने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। कई जगहों पर निर्माण कार्य अचानक धीमा पड़ गया है, जबकि कुछ लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई रुकवाने के लिए दौड़-भाग शुरू कर दी है।
सूत्रों की मानें तो कथित “चड्डी गैंग” अपने अवैध निर्माणों को बचाने के लिए राजनीतिक संरक्षण का हवाला दे रहा है। वहीं आम नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन इस गैंग पर सख्त कार्रवाई करता है तो शहर में यह एक बड़ा संदेश जाएगा कि कानून से ऊपर कोई नहीं।
बारिश में बढ़ रही जनता की परेशानी
बारिश के मौसम में सड़क किनारे अतिक्रमण और अवैध निर्माण शहरवासियों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। कई इलाकों में नालियां जाम होने और जलभराव की स्थिति बनने लगी है। लोगों का आरोप है कि कुछ रसूखदार लोग नियमों को ताक पर रखकर निर्माण करा रहे हैं और अब कार्रवाई से बचने के लिए दबाव की राजनीति कर रहे हैं।
अब सबकी नजर प्रशासन पर
शहर में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर “चड्डी गैंग” पर कार्रवाई कब होगी? क्या तहसीलदार राम प्रसाद बघेल और एसडीएम आशुतोष देवांगन कथित संरक्षण के दावों के बावजूद सख्त कदम उठा पाएंगे या फिर यह गैंग अपना अतिक्रमण बचाने में सफल हो जाएगा?
फिलहाल तिल्दा-नेवरा में “चड्डी गैंग” चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है और जनता प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रही है।
