
तिल्दा-नेवरा। निखिल वाधवा।
तिल्दा-नेवरा के बीच बाजार क्षेत्र में एक होटल संचालक द्वारा खुलेआम अवैध गैस रिफिलिंग और घरेलू गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय व्यापारियों और आसपास के लोगों का आरोप है कि संबंधित होटल संचालक लंबे समय से नियमों को ताक में रखकर अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने के बजाय आंखें मूंदे बैठे हैं।
बताया जा रहा है कि होटल संचालक खुलेआम घरेलू गैस सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में गैस रिफिलिंग करता है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यह पूरा खेल भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र में संचालित हो रहा है, जहां दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जरा सी चूक या गैस रिसाव किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकता है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक सख्ती नजर नहीं आ रही।
“नेता का संरक्षण है” कहकर दिखाता है धौंस!
क्षेत्र में चर्चा है कि संबंधित होटल संचालक खुद को एक प्रभावशाली नेता का करीबी बताकर खुलेआम धौंस जमाता है। लोगों का आरोप है कि इसी संरक्षण के दम पर वह वर्षों से अवैध कारोबार चला रहा है। कई बार शिकायतें होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना भी सवाल खड़े कर रहा है।
गैस सिलेंडरों की कृत्रिम कमी और ब्लैक मार्केटिंग का आरोप
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बाजार में गैस सिलेंडरों की कमी का फायदा उठाकर होटल संचालक सिलेंडरों को ब्लैक में बेच रहा है। जरूरतमंद लोगों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। घरेलू उपयोग के लिए मिलने वाले सिलेंडरों का व्यावसायिक इस्तेमाल और अवैध रिफिलिंग सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
नाली पर जाली घेरकर किया कब्जा, प्रशासन मौन
मामले में एक और गंभीर आरोप यह भी है कि होटल संचालक ने बीच बाजार नाली के ऊपर जाली और अस्थायी घेरा बनाकर कब्जा कर रखा है। इससे आम लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद नगर पालिका और प्रशासन द्वारा कब्जा नहीं हटाया गया।
“बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?”
व्यापारियों और नागरिकों में इस पूरे मामले को लेकर भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले बाजार में गैस रिफिलिंग जैसे खतरनाक कार्य को नजरअंदाज करना गंभीर लापरवाही है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है क्या?
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, खाद्य विभाग और नगर पालिका से तत्काल जांच कर अवैध गैस रिफिलिंग, ब्लैक मार्केटिंग और अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
