
तिल्दा-नेवरा (रायपुर ग्रामीण), 24 अप्रैल।
क्षेत्र में लगातार बिजली वायर चोरी की घटनाओं से परेशान ग्रामीणों को बड़ी राहत देते हुए तिल्दा-नेवरा पुलिस ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बिजली पोल तोड़कर तार चोरी करने वाले 4 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 7 लाख रुपये की चोरी की सामग्री और वारदात में प्रयुक्त वाहन जब्त किए गए हैं।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह तिल्दा-नेवरा और खरोरा थाना क्षेत्रों के अलग-अलग गांवों में सक्रिय था और अब तक कुल 5 घटनाओं को अंजाम दे चुका है। इन वारदातों के चलते ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही थी।
किसानों की शिकायत से खुला मामला
मामले की शुरुआत ग्राम कोनारी से हुई, जहां कनिष्ठ यंत्री अनिल कुमार वर्मा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल की शाम तक कृषि पंपों की बिजली लाइन पूरी तरह ठीक थी, लेकिन 14 अप्रैल की सुबह खेत पहुंचे किसान को पोल टूटे और तार गायब मिले। अज्ञात चोरों ने सीमेंट पोल तोड़कर केबल और एल्यूमिनियम वायर पार कर दिए, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
रिपोर्ट के आधार पर थाना तिल्दा-नेवरा में अपराध क्रमांक 168/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
अधिकारियों के निर्देश पर बनी विशेष टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रायपुर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और नगर पुलिस अधीक्षक विधानसभा वीरेन्द्र चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी तिल्दा-नेवरा के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच तेज की गई।
CCTV और मुखबिर से मिला सुराग
पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और ग्रामीणों से पूछताछ की। साथ ही पुराने अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसी दौरान खरोरा निवासी देव प्रसाद पारधी पर संदेह गहराया, जिसे घटना के समय संदिग्ध हालत में देखा गया था।
पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो उसने गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ में उसने अपने साथियों—मनमोहन नारंग, हेमलाल धृतलहरे और पंकज कुमार टंडन—के साथ मिलकर चोरी करना कबूल कर लिया।
पुराने मामलों का भी हुआ खुलासा
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने वर्ष 2025 में भी तिल्दा-नेवरा के ग्राम चांपा खार और कोनारी में इसी तरीके से चोरी की थी। वहीं खरोरा क्षेत्र में भी दो अन्य वारदातों को अंजाम दिया गया था। इस तरह कुल 5 मामलों में इनकी संलिप्तता सामने आई है।

7 लाख की सामग्री और वाहन जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से—
5500 मीटर एल्यूमिनियम वायर
30 मीटर केबल वायर
4 नग व्ही क्रॉस एंगल
2 एल्यूमिनियम कटर मशीन
1 ओमनी कार और 1 दोपहिया वाहन
बरामद किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 7 लाख रुपये आंकी गई है।
सभी आरोपी आदतन अपराधी
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी पहले भी विभिन्न मामलों में जेल जा चुके हैं।
देव प्रसाद पारधी पर आबकारी और मारपीट के मामले दर्ज हैं, जबकि मनमोहन नारंग दुष्कर्म, और हेमलाल धृतलहरे व पंकज टंडन डकैती जैसे गंभीर मामलों में पहले जेल जा चुके हैं।
पुलिस की कार्रवाई सराहनीय
अज्ञात आरोपियों को चिन्हित कर उन्हें गिरफ्तार करने में तिल्दा-नेवरा पुलिस की अहम भूमिका रही। लगातार निगरानी, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र के जरिए पुलिस ने इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया।
ग्रामीणों को राहत, पुलिस सतर्क
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राहत का माहौल है, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आगे भी इस तरह के अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी।
