
कचरे के ढेर के समीप खाद्य पदार्थ तैयार करने, स्वच्छता में लापरवाही और नियमों के उल्लंघन की शिकायतें; बीच बाजार में संचालित प्रतिष्ठानों को लेकर जांच और कार्रवाई की मांग
तिल्दा-नेवरा। नगर के कुछ कैफे एवं फास्ट फूड प्रतिष्ठानों को लेकर खाद्य सुरक्षा संबंधी गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय नागरिकों एवं सूत्रों के अनुसार, कई प्रतिष्ठानों में बिना वैध FSSAI लाइसेंस अथवा पंजीयन के संचालन, स्वच्छता मानकों की अनदेखी, बासी खाद्य सामग्री परोसने तथा खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, नगर के एक कैफे में खाद्य सामग्री कथित तौर पर कचरे के ढेर के समीप तैयार की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह सही है, तो इससे भोजन की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। लोगों का यह भी कहना है कि संबंधित प्रतिष्ठान नगर के व्यस्त बाजार क्षेत्र में संचालित है, इसलिए समय-समय पर निरीक्षण होना आवश्यक है।
इसके अलावा, सूत्रों का दावा है कि नगर का एक प्रतिष्ठान अपने नाम से पानी की बोतल तैयार कर ग्राहकों को बेच रहा है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग यह जांच करे कि पैकेज्ड पेयजल के निर्माण और विक्रय के लिए आवश्यक वैधानिक अनुमति एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
नगरवासियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता से सीधे आम लोगों का स्वास्थ्य जुड़ा हुआ है। ऐसे में यदि किसी भी प्रतिष्ठान में नियमों की अनदेखी हो रही है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन से विशेष अभियान चलाने की मांग
स्थानीय नागरिकों ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन से मांग की है कि तिल्दा-नेवरा के सभी कैफे, रेस्टोरेंट एवं फास्ट फूड सेंटरों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाए। निरीक्षण के दौरान लाइसेंस, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, रसोई की स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक मानकों की जांच की जाए। यदि किसी प्रतिष्ठान में अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
