
18 जून को प्रस्तावित पर्यावरण जनसुनवाई से पहले ग्रामीण विकास, रोजगार और जनहित कार्यों को लेकर कंपनी की पहल बनी चर्चा का विषय
मढ़ी-बंजारी/तिल्दा नेवरा।
क्षेत्र के औद्योगिक विकास के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी अपनी भागीदारी निभाते हुए गौरी गणेश कंपनी मढ़ी-बंजारी लगातार जनहित के कार्यों में आगे बढ़कर योगदान दे रही है। कंपनी ने ग्रामीणों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता दी है, जिससे स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।
कंपनी द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में जल संरक्षण और आम लोगों की सुविधा को देखते हुए लगभग एक करोड़ रुपए से अधिक की लागत से तालाब निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस पहल से जहां क्षेत्र में जलस्तर बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, वहीं ग्रामीणों को बेहतर सुविधा भी उपलब्ध होगी।
इसके साथ ही गौरी गणेश कंपनी द्वारा स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। कंपनी से जुड़े कार्यों में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, जिससे कई परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिल रही है।
गौरतलब है कि कंपनी के विस्तार को लेकर 18 जून को पर्यावरण जनसुनवाई आयोजित की जानी है। उद्योग प्रबंधन का कहना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ना उनकी प्राथमिकता है। उद्योग के विस्तार से आने वाले समय में रोजगार के और अवसर बढ़ने के साथ क्षेत्र में विकास कार्यों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, सामाजिक कार्यों और जनहित से जुड़े प्रयासों के कारण गौरी गणेश कंपनी मढ़ी-बंजारी ने मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत किया है। कंपनी की पहल को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
