सेवा संकल्प अभियान का असर: ग्रामीणों ने पुलिस को सौंपे 106 हथियार व आपत्तिजनक सामान

सेवा संकल्प अभियान का असर: ग्रामीणों ने पुलिस को सौंपे 106 हथियार व आपत्तिजनक सामान

अपराध होने के बाद कार्रवाई के साथ घटना से पहले रोकथाम पर जोर, गांव-गांव पहुंचकर पुलिस कर रही जनजागरूकता

रायपुर ग्रामीण। अपराधों की रोकथाम, जनजागरूकता और पुलिस-जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से रायपुर ग्रामीण पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “सेवा संकल्प अभियान” का सकारात्मक असर सामने आया है। अभियान के तहत थाना विधानसभा, तिल्दा-नेवरा एवं खरोरा पुलिस द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जनसंवाद कर लोगों को अनावश्यक रूप से हथियार अथवा आपत्तिजनक सामान रखने से होने वाले संभावित नुकसान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पुलिस की समझाइश और जनप्रतिनिधियों की पहल के बाद ग्रामीणों ने स्वेच्छा से बड़ी संख्या में हथियार एवं अन्य आपत्तिजनक सामान पुलिस को सौंपा है।

अभियान रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देशन तथा विधानसभा एसडीओपी श्री वीरेंद्र चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। पुलिस टीमों द्वारा गांव-गांव पहुंचकर सरपंचों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, पत्रकारों और ग्रामीणों से संवाद किया जा रहा है। इस दौरान लोगों को बताया जा रहा है कि घर अथवा आसपास अनावश्यक रूप से रखे हथियार कई बार मामूली विवाद, कहासुनी या अचानक उपजे आक्रोश को गंभीर घटना में बदलने का कारण बन सकते हैं।

तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में ग्रामीणों की बड़ी पहल

अभियान के तहत तिल्दा-नेवरा थाना क्षेत्र में पहले 15 हथियार एवं अन्य आपत्तिजनक सामान ग्रामीणों द्वारा स्वेच्छा से पुलिस को सौंपे गए थे। इसके बाद अभियान को आगे बढ़ाते हुए ग्रामीणों ने पुलिस के समक्ष अतिरिक्त रूप से 72 कड़े एवं 19 चाकू स्वेच्छा से जमा कराए।

इस प्रकार उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक कुल 106 हथियार एवं अन्य आपत्तिजनक सामान पुलिस को सौंपे जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार यह पहल केवल हथियार जमा कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में अपराध की संभावित परिस्थितियों को घटना बनने से पहले ही रोकना और लोगों में सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।

जनप्रतिनिधियों की पहल, ग्रामीणों का सहयोग

अभियान में गांव के सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। पुलिस द्वारा जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ग्रामीणों तक पहुंचकर उन्हें समझाइश दी जा रही है कि घरों, दुकानों अथवा अन्य स्थानों पर ऐसे हथियार या आपत्तिजनक सामान न रखें, जिनका इस्तेमाल विवाद की स्थिति में नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।

पुलिस का कहना है कि किसी भी विवाद की शुरुआत अक्सर छोटी कहासुनी या मामूली विवाद से होती है। यदि उस समय आसपास हथियार मौजूद हों तो स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। इसी संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए “सेवा संकल्प अभियान” के माध्यम से पुलिस अब अपराध होने के बाद कार्रवाई के साथ-साथ अपराध की परिस्थितियां पैदा होने से पहले ही उन्हें रोकने पर विशेष जोर दे रही है।

बच्चों और युवाओं को हथियारों से दूर रखने की अपील

अभियान के दौरान पुलिस द्वारा बच्चों एवं युवाओं को हथियारों से दूर रखने को लेकर भी विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पालकों से अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने की अपील की जा रही है।

पुलिस द्वारा ग्रामीणों को यह संदेश भी दिया जा रहा है कि अपराध की रोकथाम केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि जनता की सक्रिय सहभागिता से ही सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण तैयार किया जा सकता है।

पुलिस-जनता के समन्वय से सुरक्षित माहौल बनाने की पहल

थाना विधानसभा, तिल्दा-नेवरा एवं खरोरा पुलिस द्वारा अभियान के तहत लगातार जनसंवाद और जागरूकता गतिविधियां जारी रखने की बात कही गई है। पुलिस का उद्देश्य ग्रामीणों के साथ विश्वास और सहयोग का वातावरण मजबूत करते हुए अपराध की रोकथाम में आमजन को सहभागी बनाना है।

106 हथियार एवं आपत्तिजनक सामान का स्वैच्छिक रूप से पुलिस को सौंपा जाना अभियान के प्रति ग्रामीणों की सहभागिता को दर्शाता है। पुलिस-प्रशासन और आमजन के समन्वय से अपराध की संभावित घटनाओं को समय रहते रोकने की दिशा में यह पहल आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।

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